हम्द तेरी, ऐ बाप ! तूने बख्शा हमको,
मसीह को कि मुंजी सब दुनिया का हो ।
हालेलुय्याह, तेरी हम्द हो, हालेलुय्याह सदा,
हालेलुय्याह, तेरी हम्द हो, फिर हमको जिला ।

हम्द तेरी मसीह ! कि तू हुआ इन्सान,
सलीब पर जान दे के फिर गया आसमान ।

हम्द तेरी पाक रूह ! अपनी रोशनी चमका,
कर ज़ाहिर मसीह को हिदायत फ़रमा ।

तारीफ़ हो और हम्द, ऐ रहीम ओ रहमान,
तू हमको खरीद करके बख्शता आसमान ।

फिर हमको जिला, अपना प्यार दिल में भर,
और हर एक की जान को मुनव्वर तू कर ।

फिर हमको जिला, सबको मौत से जिला,
और सब खोए हुओं को घर में फेर ला ।