स्वर्गलोक क्या है ?

आज मैं आपको स्वर्गलोक के बारे में बताऊंगा । स्वर्गलोक एक आराम की जगह है । स्वर्गलोक परमेश्वर ने आदम के लिए अदन वाटिका बनाई थी जिसमे वो रहे । लेकिन वो उसमे रह न सका क्योंकि उसने पाप किया इसलिए परमेश्वर ने उसको परमेश्वर की वाटिका से निकाल दिया । उस वाटिका में भले बुरे का पेड़ और जीवन का पेड़ था और परमेश्वर नही चाहता था कि वो पाप करने के बाद जीवन का फल भी खा ले इसलिए परमेश्वर ने आदम को जिस मिट्टी से बनाया था वहीं परिश्रम करने के लिए भेज दिया। और वहाँ पर परमेश्वर ने करूब और ज्वालामय तलवारों का पहरा बैठा दिया जिसका सन्दर्भ बाइबिल में उत्पत्ति 3 : 23, 24 में पाया जाता है। इसका मतलब यह है कि परमेश्वर ने अदन वाटिका में या स्वर्ग लोक में ताला लगा दिया । ताकि उसमे कोई भी अपवित्र वस्तु या जन न पहुच सके ।

भले बुरे का पेड़ अदन वाटिका में क्यों रखा और उसका क्या हुआ ?

परमेश्वर ने भले बुरे का पेड़ इसलिए रखा था कि आदम परमेश्वर की आज्ञा को माने और वह इस आज्ञा को पूरा न कर पाया । जब यीशु के लहू को पुकारते है या यीशु के बलिदान से प्रेम रखते है वो भले और बुरे के पेड़ परमेश्वर की सामर्थ के द्वारा हट जाता है । परमेश्वर ने वाटिका में बहुत से वृक्ष लगाए थे मगर उसमे दो वृक्ष भले-बुरे और जीवन का पेड़ था। जिसका बाइबिल में पाया जाता है उत्पत्ति 2:9 और यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भाँति के वृक्ष, जो देखने मे मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे हैं, उगाए, और वाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया । यीशु मसीह के लहू बहाने से हमेशा के लिए भले बुरे का पेड़ हट जाता है और जीवन का रास्ता मिल जाता है जो कि बाइबिल में प्रकाशितवाक्य 22: 2 में पाया जाता है उस नगर की सड़क के बीचों बीच नदी बहती थी । नदी के इस पार और उस पार जीवन का वृक्ष था, उसमें बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था, और उस वृक्ष के पत्तों से जाति-जाति के लोग चंगे होते थे । स्वर्गलोक में फिर न श्राप होगा न दुख होंगे न आंसू बहाने होंगे वरन वहाँ पर शांति , आराम और परमेश्वर की सेवा टहल होगी ।

स्वर्गलोक या अदन वाटिका में आदम कब प्रवेश कर पाया ?

बाइबिल में हम पाते है लूका 23 : 42, 43 तब उसने कहा, “हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना ।” उसने उससे कहा, “मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा ।” यीशु मसीह ने डाकू से कहा कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा क्योंकि स्वर्गलोक की जो कुंजी थी वो प्रभु यीशु का लहू था । उसके लहू के बगैर स्वर्गलोक या अदन वाटिका का दरवाज़ा खुल नहीं सकता था । जब प्रभु यीशु ने अपना लहू बहाया तो वो दरवाज़ा यीशु के लहू के द्वारा खुल गया और इतने वर्ष तक यह दरवाज़ा बंद था । डाकू ने अपने गुनाहों का माना और पछतावा किया कि परमेश्वर ही रास्ता है स्वर्गलोक तक पहुँचने के लिए इसलिए वो डाकू स्वर्गलोक में जा पाया। जब यीशु की मृत्यु क्रूस पर हुई थी तब उस वक्त बहुत सी कब्रें खुल गयी थी और मुर्दे जी उठे थे और यीशु ने हर एक आदम के लिए वह स्वर्गलोक का दरवाजा खोल दिया ।

किसने अदन वाटिका का फल खाया ?

बाइबिल में यह पाया जाता है प्रकाशितवाक्य 2 : 7 जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है । जो जय पाए, मैं उसे उस जीवन के पेड़ में से जो परमेश्वर के स्वर्गलोक में है, फल खाने को दूँगा । जो लोग सच्चाई पर चलते है और परमेश्वर के वचन को पूरी रीति से मानते है वह लोग उस स्वर्गलोक में जो जीवन का फल हैं खाने पाएंगे ।